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BSNL और MTNL VRS 2019 एक्स-ग्रेशिया पर टैक्स: CBDT ने कहा, सिर्फ ₹5 लाख टैक्स-फ्री

CBDT के 22 अक्टूबर 2026 के आदेश के मुताबिक BSNL और MTNL VRS-2019 का एक्स-ग्रेशिया धारा 10(10C) वाला स्वैच्छिक रिटायरमेंट मुआवज़ा है, छंटनी मुआवज़ा नहीं।

2019 में स्वैच्छिक रिटायरमेंट (VRS) लेने वाले BSNL और MTNL के कई कर्मचारी कहते आए हैं कि उनका एक्स-ग्रेशिया पूरी तरह टैक्स-फ्री है। कुछ ने इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) में केस भी जीता। अब सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज़ (CBDT) ने 22 अक्टूबर 2026 के आदेश में विभाग का रुख साफ कर दिया है, और यह उस दावे के खिलाफ है। जानिए आदेश में क्या है और अगर आप इन रिटायर कर्मचारियों में से हैं तो इसका आपके लिए क्या मतलब है।

CBDT ने क्या फैसला किया

CBDT को रिटायर कर्मचारियों के संगठनों और लोगों से अर्ज़ियां मिली थीं। सवाल यह था कि BSNL और MTNL की स्वैच्छिक रिटायरमेंट योजना, 2019 (VRS-2019) का एक्स-ग्रेशिया Income-tax Act, 1961 की धारा 10(10B) में आता है या नहीं। यह धारा छंटनी के मुआवज़े से जुड़ी है।

दूरसंचार विभाग से सलाह के बाद CBDT ने कहा कि यह भुगतान स्वैच्छिक रिटायरमेंट का मुआवज़ा है। इसके कारण:

इसलिए आदेश के मुताबिक एक्स-ग्रेशिया पर धारा 10(10C) लागू होगी, जो स्वैच्छिक रिटायरमेंट से जुड़ी है, धारा 10(10B) नहीं।

आपके टैक्स पर इसका असर क्यों पड़ता है

आयकर विभाग के मुताबिक धारा 10(10C) में स्वैच्छिक रिटायरमेंट के मुआवज़े का टैक्स-फ्री हिस्सा मिली रकम और ₹5 लाख में से जो कम हो, उतना है। यह छूट ज़िंदगी में एक बार ही मिलती है। इससे ऊपर की रकम पर सैलरी की आय की तरह टैक्स लगता है। अगर आप यह छूट लेते हैं, तो उसी भुगतान पर धारा 89 की राहत नहीं ले सकते।

रिटायर कर्मचारियों के संगठनों ने CBDT से ₹5 लाख की सीमा के बिना धारा 10(10B) में पूरी छूट देने की मांग की थी। उनके पत्र ITAT के फैसलों पर टिके थे, जैसे एक BSNL रिटायर कर्मचारी के केस में चंडीगढ़ बेंच का 30 मई 2025 का आदेश, जिसमें योजना को छंटनी माना गया और एक्स-ग्रेशिया को पूरी तरह टैक्स-फ्री। ये फैसले Hindustan Photo Films से जुड़े मद्रास हाई कोर्ट के 2017 के फैसले पर आधारित थे।

CBDT ने कहा कि वह मामला अलग था। Hindustan Photo Films बंद हो रही थी, और कोर्ट ने पाया कि उसका पैकेज असल में नौकरी खत्म करने का पैकेज था। CBDT के मुताबिक BSNL और MTNL के मामले में कर्मचारियों ने अपनी मर्ज़ी से योजना चुनी और किसी ने अदालत में इन योजनाओं को छंटनी बताकर चुनौती नहीं दी।

CBDT ने अपने अधिकारियों से क्या कहा

आपके लिए इसका क्या मतलब है

यह आदेश सिर्फ BSNL और MTNL की VRS-2019 के लिए है। इससे दूसरी स्वैच्छिक रिटायरमेंट योजनाओं के टैक्स नियम नहीं बदलते। Saifu टैक्स सलाहकार नहीं है। अगर आपका केस लंबित है या बड़ी रकम दांव पर है, तो किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट या टैक्स वकील से बात करें।

स्रोत: StaffNews: BSNL और MTNL VRS-2019 एक्स-ग्रेशिया पर CBDT का 22 अक्टूबर 2026 का आदेश (पूरा पाठ), CAclubindia: CBDT clarifies tax treatment of BSNL and MTNL VRS-2019 compensation, 24 October 2026, आयकर विभाग: रिटायरमेंट लाभों पर टैक्स, आयकर विभाग: छूट वाली आय, Retired Telecom Officers' Welfare Association: CBDT को पत्र, 18 सितंबर 2025।

नियम, दरें और सीमाएं बदलती रहती हैं। यहां के किसी आंकड़े पर भरोसा करने से पहले ऊपर दिए आधिकारिक स्रोत को देखें। पोस्ट में लेखक के रेफरल या एफिलिएट लिंक कभी नहीं होते।

यह लेख अंग्रेज़ी से अनुवाद किया गया है। अगर कुछ गलत लगे, तो hello@saifu.in पर ईमेल करें।

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