GST रजिस्ट्रेशन: CBIC के 26 अक्टूबर के सर्कुलर, दस्तावेज़, नोटिस और धोखाधड़ी के आरोप
CBIC के 26 अक्टूबर 2026 के सर्कुलर में GST रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज़ तय हुए, धोखाधड़ी का आरोप लगाने से पहले अधिकारियों को मंशा साबित करनी होगी।
CBIC, यानी GST चलाने वाले टैक्स बोर्ड, ने 57वीं GST काउंसिल के फैसलों के बाद 26 अक्टूबर 2026 को आठ सर्कुलर जारी किए। ये खासकर छोटे विक्रेताओं, फ्रीलांसरों और दुकानदारों के काम के हैं जो GST नंबर के लिए आवेदन कर रहे हैं या जिन्हें टैक्स नोटिस मिला है। इनसे GST की दरें नहीं बदलतीं, इसलिए आपके अपने खरीदारी के बिलों पर GST वैसा ही रहेगा।
GST रजिस्ट्रेशन में क्या बदला
सर्कुलर 257/03/2026 अधिकारियों को रजिस्ट्रेशन आवेदन संभालने के दिशानिर्देश देता है। CBIC के मुताबिक आवेदन अक्सर इसलिए अटकते या रद्द होते हैं क्योंकि जानकारी अधूरी होती है, ब्योरे आपस में मेल नहीं खाते या दस्तावेज़ साफ़ नहीं होते। उसने अधिकारियों से कहा है कि वे अतिरिक्त दस्तावेज़ न मांगें और ऐसे अनुमान वाले सवाल न पूछें जिनका आवेदन से कोई संबंध नहीं।
- किराये या लीज़ की जगह: आवेदक वैध रजिस्टर्ड रेंट या लीज़ एग्रीमेंट की साफ़ कॉपी अपलोड करता है, और कोई दूसरा दस्तावेज़ नहीं चाहिए।
- रजिस्टर्ड न होने वाला रेंट एग्रीमेंट: आवेदक एग्रीमेंट के साथ मकान मालिक के नाम का एक ताज़ा दस्तावेज़ अपलोड करता है, जैसे प्रॉपर्टी टैक्स रसीद, म्युनिसिपल खाता, संपत्ति पहचान दस्तावेज़, या बिजली या पानी का बिल।
- आधार ऑथेंटिकेशन: अगर आप इसे चुनते हैं तो रजिस्ट्रेशन 7 दिन में मिल जाता है। नहीं तो कारोबार की जगह की भौतिक जांच के बाद आवेदन 30 दिन में निपटाया जाता है। CBIC कहता है कि आधार ऑथेंटिकेशन चुनना आवेदक के हित में है।
- किसे रजिस्टर करना होगा: सिर्फ़ सामान बेचने वाले को सालाना टर्नओवर ₹40 लाख पार होने पर, और सेवाएं या सामान और सेवाएं दोनों देने वाले को ₹20 लाख पार होने पर।
- खास मामले: सर्कुलर में को-वर्किंग स्पेस, सहमति से दी गई जगह, ATM और टेलीकॉम टावर पर भी मार्गदर्शन है।
टैक्स नोटिस और धोखाधड़ी के आरोप
सर्कुलर 258/04/2026 CGST कानून के तहत डिमांड, निर्णय और अपील से जुड़ा है। जहां संभव हो, प्री-शो-कॉज़ नोटिस भेजा जाएगा, ताकि औपचारिक कार्रवाई शुरू होने से पहले आप अपनी बात रख सकें। शो कॉज़ नोटिस में आरोप संक्षेप में और वे आधार साफ़ लिखे होने चाहिए जिन पर आपसे जवाब मांगा जा रहा है।
किसी करदाता पर धोखाधड़ी, जानबूझकर गलत बयान या तथ्य छिपाने का आरोप लगाने से पहले अधिकारी को टैक्स चोरी की मंशा साबित करनी होगी। जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या दूसरे टूल इस्तेमाल हों, वहां जानकारी को आदेश में डालने से पहले अलग से जांचना होगा।
बाकी सर्कुलर
- सर्कुलर 259/05/2026: अपील दाखिल करने के लिए प्री-डिपॉज़िट।
- सर्कुलर 260/06/2026: इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर।
- सर्कुलर 261/07/2026: CGST कानून की धारा 17(4)।
- सर्कुलर 262/08/2026: वाहन निर्माताओं के अधिकृत एजेंटों के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट।
- सर्कुलर 263/09/2026: निर्यात का भुगतान मिलना। जहां RBI के निर्देशों के मुताबिक निर्यात की रकम को आयात के भुगतान से सेट-ऑफ किया जाए, वहां सेवाओं के निर्यात के लिए रकम मिलने की शर्त पूरी मानी जाएगी।
- सर्कुलर 264/10/2026: CGST नियमों के नियम 96(10) का हटाया जाना।
उसी दिन CBIC ने अधिसूचित किया कि Finance Act, 2026 के कुछ हिस्से 1 नवंबर 2026 से लागू होंगे। 8 अक्टूबर की GST काउंसिल बैठक की हमारी गाइड में वह अधिसूचना, शो कॉज़ नोटिस के लिए ₹10,000 की सीमा और 1 अप्रैल 2027 से शुरू होने वाले बदलाव दिए हैं।
हमने ब्योरा The Indian Express की 27 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट की सर्कुलर सूची से लिया है, CBIC के मूल पाठ से नहीं। किसी खास बात पर कदम उठाने से पहले cbic.gov.in पर सर्कुलर देख लें।
स्रोत: The Indian Express: CBIC issues 8 GST circulars on registration, notices and rules, 27 October 2026, Taxreply: CBIC circulars and notification of 26 October 2026, CBIC: GST circulars
नियम, दरें और सीमाएं बदलती रहती हैं। यहां के किसी आंकड़े पर भरोसा करने से पहले ऊपर दिए आधिकारिक स्रोत को देखें। पोस्ट में लेखक के रेफरल या एफिलिएट लिंक कभी नहीं होते।
यह लेख अंग्रेज़ी से अनुवाद किया गया है। अगर कुछ गलत लगे, तो hello@saifu.in पर ईमेल करें।