EPF आसान भाषा में: योगदान, ब्याज, पेंशन और टैक्स
2026 में EPF कैसे काम करता है: 12% योगदान, एम्प्लॉयर का हिस्सा कहां जाता है, 8.25% ब्याज कैसे निकलता है, EPS पेंशन और EPF पर टैक्स कब लगता है।
आज़माएं: EPF कैलकुलेटर8.25% ब्याज पर 58 साल तक अपना EPF कॉर्पस निकालें, ₹25,000 वेज सीलिंग, सैलरी बढ़ोतरी, VPF और EPS पेंशन के अनुमान के साथ।कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) नौकरीपेशा लोगों के लिए EPFO द्वारा चलाया जाने वाला रिटायरमेंट खाता है। हर महीने आपकी सैलरी का एक हिस्सा और आपके एम्प्लॉयर की ओर से उतना ही हिस्सा इसमें जाता है, और इस पर हर साल तय होने वाला ब्याज मिलता है। ज़्यादातर नौकरीपेशा भारतीयों के लिए यही उनकी सबसे बड़ी बचत होती है।
किसे जुड़ना ज़रूरी है
20 या उससे ज़्यादा कर्मचारियों वाले संस्थानों में, जिन कर्मचारियों की सैलरी वेज सीलिंग तक है, उनके लिए EPF ज़रूरी है। 17 सितंबर 2026 से यह सीलिंग ₹25,000 महीना है। इससे ज़्यादा कमाने वाले भी जुड़ सकते हैं या जुड़े रह सकते हैं, और ज़्यादातर बड़े एम्प्लॉयर सभी को इसमें शामिल करते हैं।
योगदान
- आप: बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (DA) का 12%।
- आपका एम्प्लॉयर: 12%, जिसमें से सीलिंग तक की सैलरी का 8.33% कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जाता है, और बाकी EPF में।
- वॉलंटरी PF (VPF): आप बेसिक के 100% तक ज़्यादा पैसा डाल सकते हैं। इस पर भी वही दर मिलती है, और आपका एम्प्लॉयर इसके बराबर योगदान नहीं देता।
सीलिंग से ऊपर, पूरी बेसिक सैलरी पर योगदान करना आपके और आपके एम्प्लॉयर दोनों के लिए वैकल्पिक है।
ब्याज
2024-25 और 2025-26 दोनों के लिए दर 8.25% थी। EPFO का केंद्रीय बोर्ड इसकी सिफारिश करता है और केंद्र सरकार इसे मंज़ूरी देती है। ब्याज हर महीने, महीने की शुरुआत के बैलेंस पर निकाला जाता है और साल में एक बार खाते में जोड़ा जाता है। भले ही आप नौकरी बदल लें और योगदान बंद हो जाए, खाते पर तब तक ब्याज मिलता रहता है जब तक वह निष्क्रिय (inoperative) नहीं हो जाता, जो आमतौर पर लगभग 58 साल की उम्र में होता है। नौकरी छोड़ने के बाद बैलेंस पर मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है।
पेंशन
अगर आपकी कम से कम 10 साल की सर्विस है तो EPS रिटायरमेंट पर मासिक पेंशन देता है, या 50 साल की उम्र से घटी हुई पेंशन। फॉर्मूला है पेंशन योग्य वेतन × सर्विस के साल ÷ 70। पेंशन योग्य वेतन आपके आखिरी 60 महीनों का औसत होता है, जो हर अवधि में लागू सीलिंग तक सीमित रहता है, इसलिए 17 सितंबर 2026 से पहले की सर्विस ₹15,000 पर और उसके बाद की सर्विस ₹25,000 तक गिनी जाती है। न्यूनतम पेंशन ₹1,000 है। आपका EPS पैसा एक साझा फंड में होता है, आपके अपने खाते में नहीं, इसलिए यह बैलेंस के रूप में नहीं दिखता।
बीमा
EDLI, यानी EPF का बीमा हिस्सा, नौकरी के दौरान आपकी मृत्यु होने पर आपके परिवार को भुगतान करता है। भुगतान की अधिकतम सीमा ₹7 लाख है। इसके लिए आपको कुछ नहीं देना होता।
टैक्स
- आपका योगदान नए एक्ट के सेक्शन 123 (पहले 80C) के तहत ₹1.5 लाख की कटौती में गिना जाता है, सिर्फ पुरानी व्यवस्था में।
- आपके अपने योगदान में से सालाना ₹2.5 लाख से ऊपर की रकम पर मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल है (अगर एम्प्लॉयर योगदान नहीं करता तो ₹5 लाख)।
- EPF, NPS और सुपरएनुएशन में एम्प्लॉयर का कुल योगदान सालाना ₹7.5 लाख से ऊपर हो, तो उस पर पर्क (अनुलाभ) के रूप में टैक्स लगता है।
- लगातार 5 साल की सर्विस के बाद निकासी टैक्स-फ्री है। इससे पहले की निकासी टैक्सेबल है।
इसे अपने लिए काम करता रखें
- पूरे करियर में एक ही UAN रखें और नौकरी बदलने पर पुराना बैलेंस ट्रांसफर करें।
- अपना आधार, PAN और बैंक खाता UAN से लिंक करें ताकि क्लेम अटकें नहीं।
- हर कुछ महीने में पासबुक चेक करें। एम्प्लॉयर का छूटा हुआ जमा जल्दी पकड़ में आए तो ठीक करना आसान होता है।
स्रोत: EPS 2026, राजपत्र G.S.R. 527(E), ऑल इंडिया रेडियो: 2024-25 के लिए 8.25% दर, Upstox: 2025-26 के लिए 8.25% दर अधिसूचित, श्रम मंत्रालय: वेज सीलिंग नोट, Upstox: EDLI की सीमा ₹7 लाख, ClearTax: ₹2.5 लाख से ऊपर EPF ब्याज पर टैक्स।
नियम, दरें और सीमाएं बदलती रहती हैं। यहां के किसी आंकड़े पर भरोसा करने से पहले ऊपर दिए आधिकारिक स्रोत को देखें। पोस्ट में लेखक के रेफरल या एफिलिएट लिंक कभी नहीं होते।
यह लेख अंग्रेज़ी से अनुवाद किया गया है। अगर कुछ गलत लगे, तो hello@saifu.in पर ईमेल करें।