गोल्ड म्यूचुअल फंड में 16 अक्टूबर 2026 से नई SIP और एकमुश्त निवेश बंद: अब आप क्या कर सकते हैं
करीब 17 फंड हाउस ने 15 और 16 अक्टूबर 2026 से गोल्ड फंड ऑफ फंड्स में नया पैसा लेना रोक दिया। पुरानी SIP और रिडेम्पशन जारी हैं।
अगर आप धनतेरस और दिवाली से पहले गोल्ड म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने की सोच रहे थे, तो हो सकता है "निवेश करें" का बटन बंद मिले। ज़्यादातर फंड हाउस ने अपने गोल्ड फंड ऑफ फंड्स (FoF) में नया पैसा लेना फिलहाल रोक दिया है। जानिए क्या बदला और आप अब भी क्या कर सकते हैं।
क्या हुआ
Angel One और Business Standard के मुताबिक 15 और 16 अक्टूबर 2026 से करीब 17 फंड हाउस ने अपने गोल्ड FoF में नए निवेश पर अस्थायी रोक लगा दी है। हर फंड हाउस ने निवेशकों के लिए एक नोटिस (एडेंडम) जारी करके यह बताया।
Angel One की सूची में ICICI Prudential, HDFC, Aditya Birla Sun Life, Tata, DSP, Invesco India, Zerodha, Nippon India, SBI, Kotak, Axis, Mirae Asset, LIC, Groww, UTI, HSBC और Quantum शामिल हैं। कुछ का कट-ऑफ 15 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे के बाद था, बाकी का 16 अक्टूबर से। HDFC, Kotak और Mirae Asset ने अपने गोल्ड और सिल्वर पैसिव FoF में भी नया पैसा रोक दिया है।
गोल्ड FoF एक म्यूचुअल फंड है जो आपका पैसा गोल्ड ETF में लगाता है। इसे डीमैट खाते के बिना खरीदा जा सकता है, इसलिए बहुत लोग गोल्ड SIP के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं।
क्या बंद है और क्या जारी है
ज़्यादातर स्कीमों में बंद:
- नया एकमुश्त निवेश, मौजूदा निवेश में पैसा जोड़ना भी
- उसी फंड हाउस की किसी दूसरी स्कीम से पैसा स्विच करके लाना
- नई SIP और STP रजिस्ट्रेशन, और कई स्कीमों में SIP टॉप-अप या स्टेप-अप
अब भी चालू:
- मौजूदा SIP और STP। कट-ऑफ से पहले रजिस्टर हुई किस्तें उस दिन की NAV पर जाती रहेंगी। Angel One के मुताबिक HDFC ने कहा कि 16 अक्टूबर से पहले रजिस्टर हुए सिस्टमैटिक निवेश पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
- रिडेम्पशन और स्विच-आउट। आप पहले की तरह पैसा निकाल सकते हैं।
- मौजूदा विड्रॉल प्लान (SWP) जारी रहेंगे।
नियम हर स्कीम में थोड़े अलग हैं। निवेश से पहले अपने फंड हाउस का नोटिस या ऐप देख लें।
ऐसा क्यों हुआ
किसी फंड हाउस ने साफ वजह नहीं बताई है, और SEBI का कोई सार्वजनिक सर्कुलर नहीं है। Angel One के मुताबिक Shriram Mutual Fund ने कहा कि यह रोक AMFI के ज़रिए मिले SEBI के निर्देश पर लगाई गई है। Business Standard और Business Today ने इसे रुपये पर दबाव से जोड़ा, जो 15 अक्टूबर 2026 को डॉलर के मुकाबले करीब ₹95 था, और सोने के आयात की लागत से भी। मई 2026 में सरकार ने सोने पर आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया था।
Business Standard में छपे AMFI के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2026 में गोल्ड ETF में करीब ₹4,451 करोड़ आए, जो अगस्त में करीब ₹2,597 करोड़ थे।
यह कब तक चलेगा
फंड हाउस कहते हैं कि यह रोक अस्थायी है और अगले आदेश तक है। किसी ने आखिरी तारीख नहीं बताई है। एक विशेषज्ञ ने Business Standard से कहा कि उन्हें लगता है यह दिवाली के बाद भी चलेगी।
आप अब भी क्या कर सकते हैं
- अपनी मौजूदा SIP चलने दें। वह जारी है। उसे रोकने की ज़रूरत नहीं।
- एक्सचेंज पर गोल्ड ETF खरीदें। गोल्ड ETF अब भी NSE और BSE पर ट्रेड हो रहे हैं। इसके लिए डीमैट और ट्रेडिंग खाता चाहिए, और ब्रोकरेज व दूसरे चार्ज लगते हैं।
- ETF खरीदने से पहले भाव देखें। मांग ज़्यादा हो तो ETF अपनी असली कीमत से ऊपर बिक सकता है। बाज़ार भाव की तुलना फंड हाउस या एक्सचेंज की वेबसाइट पर दिखने वाली इंडिकेटिव NAV (iNAV) से करें।
- सोना रखने के दूसरे तरीके हैं फिजिकल गोल्ड और डिजिटल गोल्ड। डिजिटल गोल्ड SEBI या RBI के नियमों के दायरे में नहीं आता।
म्यूचुअल फंड निवेश बाज़ार जोखिमों के अधीन हैं, योजना संबंधी सभी दस्तावेज़ ध्यान से पढ़ें। Saifu फंड न बेचता है, न उनकी सिफारिश करता है, और यह सोना खरीदने या बेचने की सलाह नहीं है।
स्रोत: Angel One: 17 म्यूचुअल फंड हाउस ने गोल्ड ETF FoF पर रोक लगाई, Business Standard: दिवाली से पहले गोल्ड FoF में नया निवेश बंद, Business Today: कई म्यूचुअल फंड ने गोल्ड FoF में नया निवेश रोका, Goodreturns: Tata Gold ETF FoF पर पाबंदियां, AMFI।
नियम, दरें और सीमाएं बदलती रहती हैं। यहां के किसी आंकड़े पर भरोसा करने से पहले ऊपर दिए आधिकारिक स्रोत को देखें। पोस्ट में लेखक के रेफरल या एफिलिएट लिंक कभी नहीं होते।
यह लेख अंग्रेज़ी से अनुवाद किया गया है। अगर कुछ गलत लगे, तो hello@saifu.in पर ईमेल करें।