Avadhut Sathe Trading Academy: SEBI ने ₹546 करोड़ लौटाने का आदेश दिया, क्लेम कैसे करें
23 अक्टूबर 2026 को SEBI ने Avadhut Sathe Trading Academy और उसके फाउंडर को ₹546.17 करोड़ कोर्स फीस लौटाने का आदेश दिया। कौन क्लेम कर सकता है और कब।
सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने Avadhut Sathe Trading Academy Private Limited (ASTAPL), उसके फाउंडर अवधूत साठे और डायरेक्टर गौरी अवधूत साठे के खिलाफ फाइनल आदेश दिया है। अगर आपने इस एकेडमी का कोई कोर्स खरीदा था, तो आपको अपनी फीस वापस मिल सकती है। आदेश में क्या कहा गया है और आगे क्या होगा, यहां जानिए।
SEBI ने क्या फैसला किया
यह आदेश 23 अक्टूबर 2026 को SEBI के क्वासी-ज्यूडिशियल अथॉरिटी ने साइन किया। इससे पहले 4 दिसंबर 2025 को एक अंतरिम आदेश आया था, जब SEBI ने पहली बार यह कारोबार रोका था और करीब ₹546 करोड़ जब्त किए थे।
SEBI ने पाया कि एकेडमी और अवधूत साठे सिर्फ पढ़ा नहीं रहे थे। पेड प्रोग्राम, सेशन और WhatsApp ग्रुप के जरिए वे खास शेयरों पर सलाह, ट्रेडिंग कॉल और कीमत की दिशा बता रहे थे। फीस लेकर ऐसी सलाह सिर्फ SEBI में रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर या रिसर्च एनालिस्ट ही दे सकते हैं। SEBI ने यह भी पाया कि एकेडमी प्रतिभागियों के चुने हुए मुनाफे वाले ट्रेड के वीडियो दिखाती थी, जबकि असल में ट्रेनर और प्रतिभागी कुल मिलाकर घाटे में थे। SEBI ने 1 मार्च 2024 को इस बारे में एकेडमी को चेतावनी दी थी।
मुख्य निर्देश ये हैं:
- रिफंड: एकेडमी और अवधूत साठे को इन गतिविधियों के लिए ली गई ₹546.17 करोड़ फीस, आदेश मिलने की तारीख से पांच महीने के अंदर लौटानी होगी। पैसा एक अलग बैंक खाते में जमा होगा और रिफंड उसी खाते से दिए जाएंगे।
- ब्याज: उन्हें ₹67.87 करोड़ ब्याज भी जमा करना होगा, जो 10 अक्टूबर 2025 से 12% सालाना की दर से निकाला गया है। यह ब्याज SEBI के इन्वेस्टर प्रोटेक्शन एंड एजुकेशन फंड (IPEF) में जाएगा, प्रतिभागियों को नहीं।
- मार्केट पर रोक: एकेडमी और अवधूत साठे 23 अक्टूबर 2026 से दो साल तक, या रिफंड पूरे होने तक, जो भी बाद में हो, शेयर बाजार में खरीद, बिक्री या कोई सौदा नहीं कर सकते। गौरी अवधूत साठे पर छह महीने की रोक है।
- जुर्माना: कुल ₹11.5 करोड़। एकेडमी पर ₹6 करोड़, अवधूत साठे पर ₹4 करोड़ और गौरी अवधूत साठे पर ₹1.5 करोड़, जो 45 दिन में भरना है।
- सलाह बंद: उन्हें बिना रजिस्ट्रेशन वाली निवेश सलाह या रिसर्च कॉल देना बंद करना होगा।
पूरी रकम जमा होने तक उनके बैंक खातों से पैसा निकालने पर रोक रहेगी, और रिफंड देने के अलावा वे अपनी संपत्ति, शेयर या म्यूचुअल फंड नहीं बेच सकते।
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक आदेश में कहा गया है कि एकेडमी ने शुरुआत से अब तक कोर्स प्रतिभागियों से करीब ₹601.38 करोड़ लिए। SEBI ने बिना रजिस्ट्रेशन वाली सलाह से जुड़े प्रोग्राम की फीस ₹546.17 करोड़ मानी, इसलिए यही रकम लौटानी है।
रिफंड कैसे मिलेगा
SEBI ने प्रतिभागियों से SEBI के पास आवेदन करने को नहीं कहा है। आदेश ने यह जिम्मेदारी एकेडमी पर डाली है:
- 30 दिन में सार्वजनिक नोटिस। आदेश मिलने के 30 दिन के अंदर एकेडमी और अवधूत साठे को दो राष्ट्रीय अखबारों (एक अंग्रेजी, एक हिंदी) के सभी संस्करणों और एक ज्यादा पढ़े जाने वाले स्थानीय भाषा के अखबार में नोटिस छापना होगा। नोटिस में रिफंड क्लेम करने का तरीका और एक संपर्क व्यक्ति का नाम, पता और फोन नंबर होगा।
- सिर्फ बैंक ट्रांसफर से भुगतान। रिफंड इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर या ऐसे बैंकिंग तरीके से होगा जिसका रिकॉर्ड रहे। नकद नहीं।
- बचा हुआ पैसा। रिफंड के बाद जो पैसा बचेगा, वह SEBI के पास जमा होगा और एक साल तक एस्क्रो खाते में रखा जाएगा, ताकि सेवा लेने वाले क्लाइंट और शिकायतकर्ता उसे पा सकें। उसके बाद यह IPEF में जाएगा।
- पूरा होने की रिपोर्ट। रिफंड पूरे होने के 30 दिन के अंदर उन्हें पीयर रिव्यू वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट से प्रमाणित रिपोर्ट SEBI को देनी होगी।
प्रतिभागी अभी क्या करें
- भुगतान का सबूत संभालकर रखें। रसीदें, बैंक या UPI स्टेटमेंट, इनवॉइस और कोर्स के ईमेल रखें, जिनसे पता चले कि आपने कितना और कब भुगतान किया।
- अखबार के नोटिस पर नजर रखें। यह एकेडमी को आदेश मिलने के करीब एक महीने के अंदर आना चाहिए। क्लेम का तरीका उसी नोटिस से पता चलेगा।
- रिफंड एजेंट से सावधान रहें। क्लेम करने के लिए आपको किसी को पैसे नहीं देने चाहिए। जो लोग फोन करके रिफंड जल्दी दिलाने की बात करें, उन्हें OTP, UPI PIN या बैंक पासवर्ड न बताएं।
- आदेश के खिलाफ अपील हो सकती है। एकेडमी सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल में इस आदेश को चुनौती दे सकती है। अपील से समय-सीमा बदल सकती है।
दूसरे फिनफ्लुएंसर कोर्स के लिए इसका मतलब
SEBI का संदेश है कि किसी चीज को "शिक्षा" कह देने से वह कानूनी नहीं हो जाती, अगर उसमें फीस लेकर खास शेयरों पर खरीदने या बेचने की कॉल, एंट्री और एग्जिट लेवल या स्टॉप लॉस बताए जाते हैं। कोई ट्रेडिंग कोर्स खरीदने या पेड टिप्स ग्रुप में जुड़ने से पहले देखें कि वह व्यक्ति SEBI की इंटरमीडियरी सूची में रजिस्टर्ड है या नहीं। 22 अक्टूबर 2026 को SEBI ने सिर्फ इनवाइट वाले WhatsApp ग्रुप में मिलने वाली स्टॉक टिप्स पर भी चेतावनी दी थी।
Saifu, SEBI में रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर नहीं है और यह निवेश सलाह नहीं है। शेयरों में निवेश बाजार जोखिम के अधीन है।
स्रोत: SEBI: Final order in the matter of Avadhut Sathe Trading Academy Private Limited, 23 October 2026, BSE: Notice 20261023-46 on the SEBI order, 23 October 2026, Business Standard (PTI): SEBI orders Avadhut Sathe Trading Academy to refund ₹546 crore, 23 October 2026, Moneycontrol: SEBI orders refund of ₹546 crore, 23 October 2026.
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यह लेख अंग्रेज़ी से अनुवाद किया गया है। अगर कुछ गलत लगे, तो hello@saifu.in पर ईमेल करें।