दिवाली गिफ्ट और टैक्स: ₹50,000 की सीमा, सोने के उपहार और नियोक्ता के गिफ्ट 2026
रिश्तेदारों से मिले उपहार पर टैक्स नहीं। दोस्तों से मिले उपहार, सोना भी, साल में ₹50,000 से ऊपर जाएं तो पूरे पर टैक्स। नियोक्ता के ₹15,000 से कम के गिफ्ट शून्य।
आज़माएं: इनकम टैक्स कैलकुलेटर: पुरानी बनाम नई व्यवस्थाटैक्स वर्ष 2026-27 के लिए पुरानी और नई व्यवस्था में अपने टैक्स की तुलना करें, ₹12 लाख के रिबेट, स्टैंडर्ड डिडक्शन, सेस, सरचार्ज और उन कटौतियों के साथ जिनसे पुरानी व्यवस्था फायदेमंद बनती है।दिवाली 8 नवंबर 2026 को है और कई लोग पैसे, सोने के सिक्के और गहने उपहार में देंगे या पाएंगे। टैक्स के नियम सरल हैं, पर ₹50,000 की सीमा एक खाई की तरह काम करती है। टैक्स वर्ष 2026-27 (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027) के लिए आयकर विभाग यह कहता है।
रिश्तेदारों से मिले उपहार पर टैक्स नहीं
रिश्तेदार से मिला पैसा, सोना, गहने और दूसरा बुलियन चाहे जितना बड़ा हो, उस पर टैक्स नहीं लगता। आयकर विभाग व्यक्ति के लिए इन्हें रिश्तेदार मानता है:
- आपका जीवनसाथी
- आपके भाई या बहन, और जीवनसाथी के भाई या बहन
- आपके माता या पिता के भाई या बहन
- आपके माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी, बच्चे और पोते-पोतियां, और जीवनसाथी के ऐसे ही रिश्तेदार
- पिछले तीन बिंदुओं के लोगों के जीवनसाथी
हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के लिए उसका कोई भी सदस्य रिश्तेदार है। दोस्त, सहकर्मी और इस सूची से बाहर के कजिन उपहार के नियम में रिश्तेदार नहीं हैं।
दोस्तों और दूसरों से उपहार: ₹50,000 की सीमा
पैसे के लिए विभाग कहता है कि साल में बिना भुगतान के मिली कुल रकम ₹50,000 से ऊपर जाए तो उस पर टैक्स लगता है। गहनों और बुलियन पर यही सीमा उनके उचित बाजार मूल्य पर लागू होती है। सोने के सिक्के, सोने के गहने और चांदी इस समूह में आते हैं। टीवी या फोन नहीं आते।
सीमा पूरे साल के कुल पर है, हर उपहार पर अलग नहीं। कुल ₹50,000 से ऊपर जाते ही पूरी रकम पर टैक्स लगता है, केवल ₹50,000 से ऊपर वाले हिस्से पर नहीं।
हमारा उदाहरण: दिवाली पर दोस्त से ₹30,000 मिले और मार्च में सहकर्मी से ₹25,000 का सोना मिला। कुल ₹55,000 हुआ, इसलिए पूरा ₹55,000 आपकी आय में जुड़ेगा और आपके स्लैब की दर से टैक्स होगा। कुल ₹43,000 हो तो कोई टैक्स नहीं।
जिन मौकों पर टैक्स नहीं
विभाग के अनुसार शादी ही एकमात्र मौका है जब गैर-रिश्तेदार से मिले उपहार पर टैक्स नहीं लगता। यानी आपकी अपनी शादी पर मिला उपहार। वसीयत या विरासत में मिली चीजें और देने वाले की मृत्यु की आशंका में दिए गए उपहार पर भी टैक्स नहीं। दोस्तों से जन्मदिन और सालगिरह के उपहार कुल ₹50,000 पार करते ही टैक्स के दायरे में आते हैं। दिवाली भी सूची में दर्ज मौका नहीं है।
नियोक्ता के गिफ्ट
1 अप्रैल 2026 से आयकर नियम, 2026 का नियम 15 उन गिफ्ट, वाउचर और टोकन पर लागू होता है जो नियोक्ता आपको या आपके परिवार को त्योहार पर या अन्य अवसर पर देता है। उनका मूल्य गिफ्ट की रकम के बराबर है। टैक्स वर्ष में कुल ₹15,000 से कम हो तो यह शून्य है। सीमा पूरे साल का एक कुल है, इसलिए दिवाली की हैंपर और कार्य-वर्षगांठ का वाउचर जोड़े जाते हैं। नकद बोनस आपके वेतन का हिस्सा है और स्लैब की दर से टैक्स होता है।
सोना बाद में बेचें तो क्या
जिस उपहार पर मिलते समय टैक्स नहीं लगा, उस पर बेचते समय टैक्स लग सकता है। सोना मुनाफे पर बेचने पर कैपिटल गेन टैक्स लग सकता है। बेचने से पहले मौजूदा नियम या अपने टैक्स सलाहकार से जांच लें।
अभी क्या करें
- किसने क्या दिया, तारीख और कीमत के साथ लिख लें, और गैर-रिश्तेदारों के उपहार जोड़ लें।
- कोई दोस्त या रिश्तेदार सोना दे तो बिल मांगें। उसमें कीमत और खरीद की तारीख होती है।
- अपनी सैलरी स्लिप या HR के नोट में देखें कि आपका नियोक्ता दिवाली के गिफ्ट को कैसे गिनता है।
- अतिरिक्त आय पर कितना टैक्स लगेगा, यह इनकम टैक्स कैलकुलेटर से देखें।
यह टैक्स नियमों की सामान्य जानकारी है, टैक्स या निवेश की सलाह नहीं।
Sources: Income Tax Department: Tax treatment of gifts received by an individual or HUF (Income-tax Act, 2025 as amended by the Finance Act, 2026), Income Tax Department: Income-tax Rules, 2026, Rule 15 on valuation of perquisites, ET Now: Diwali 2026, planning to gift gold, 2 November 2026
नियम, दरें और सीमाएं बदलती रहती हैं। यहां के किसी आंकड़े पर भरोसा करने से पहले ऊपर दिए आधिकारिक स्रोत को देखें। पोस्ट में लेखक के रेफरल या एफिलिएट लिंक कभी नहीं होते।
यह लेख अंग्रेज़ी से अनुवाद किया गया है। अगर कुछ गलत लगे, तो hello@saifu.in पर ईमेल करें।