डीपफेक वीडियो वाले फर्जी सरकारी स्कीम विज्ञापन: I4C की स्कैम चेतावनी
19 अक्टूबर 2026 को I4C ने Facebook और Instagram पर नेताओं के डीपफेक वीडियो से फर्जी योजनाएं और कैशबैक बेचने वाले विज्ञापनों से सावधान किया। जानिए कैसे बचें।
गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने 19 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया पर स्कैम विज्ञापनों की नई लहर के बारे में चेतावनी दी। उसकी नेशनल साइबरक्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट ने कहा कि ठग Facebook और Instagram पर ऐसे विज्ञापन चला रहे हैं जिनमें प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और राज्यों के मुख्यमंत्रियों के नकली या डीपफेक वीडियो होते हैं। इन वीडियो में ऐसा लगता है कि ज़रूरतमंदों को पैसा देने वाली किसी सरकारी योजना की घोषणा हो रही है। यह जानकारी PTI, India Today और The Economic Times की रिपोर्ट के मुताबिक है।
फर्जी योजना वाली चाल कैसे काम करती है
- आपको कोई विज्ञापन या वीडियो दिखता है जिसमें कोई जाना-माना नेता किसी नई योजना या नकद मदद की घोषणा करता दिखता है। इनमें से कई विज्ञापन राजनीतिक विज्ञापन के रूप में चलते हैं।
- विज्ञापन में एक फोन नंबर, WhatsApp चैट या वेबसाइट दी होती है, जहां पैसे के लिए "रजिस्टर" करना होता है।
- फिर पैसा जारी होने से पहले आपसे टैक्स, प्रोसेसिंग फीस, रजिस्ट्रेशन चार्ज या वेरिफिकेशन फीस भरने को कहा जाता है।
- हर भुगतान के बाद एक नई मांग आती है, इसलिए लोग बार-बार पैसा गंवाते हैं।
चेतावनी में कहा गया कि कई पीड़ितों को विदेशी नंबरों से भी कॉल आते हैं, ज़्यादातर पाकिस्तान के कंट्री कोड +92 से शुरू होने वाले, जिनमें कहा जाता है कि पैसे के लिए उन्हें "रैंडम तरीके से चुना गया" है।
कैशबैक वाला तरीका
कुछ विज्ञापन स्क्रैच कार्ड या स्पिन-एंड-विन गेम से कैशबैक या इनाम का वादा करते हैं। आपको एक नकली वेबसाइट पर ले जाया जाता है जो "जीत" दिखाती है, और फिर एक पेमेंट ऐप पर भेजा जाता है। वहां इनाम "पाने" के लिए आपसे UPI कलेक्ट रिक्वेस्ट मंज़ूर करने या UPI PIN डालने को कहा जाता है। पैसा उल्टी दिशा में जाता है: आपके खाते से निकलकर ठग के पास पहुंच जाता है।
कैसे बचें
- योजना की जांच सरकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर करें, सोशल मीडिया पर नहीं। असली योजना पैसा देने के लिए किसी अनजान व्यक्ति को फीस देने को नहीं कहती।
- किसी वीडियो पर सिर्फ इसलिए भरोसा न करें कि उसमें कोई नेता दिख रहा है। वीडियो और आवाज़ नकली बनाए जा सकते हैं। पहले आधिकारिक स्रोतों से दावे की जांच करें।
- पुष्टि करें कि कौन कॉल कर रहा है। अगर कोई खुद को सरकारी विभाग का बताता है, तो विभाग के आधिकारिक नंबर से जांचें या दफ्तर जाएं।
- UPI PIN सिर्फ पैसा भेजने के लिए है। पैसा पाने के लिए इसकी कभी ज़रूरत नहीं होती। हर UPI रिक्वेस्ट मंज़ूर करने से पहले नाम और रकम पढ़ें।
- अपना आधार, PAN, बैंक डिटेल, OTP या UPI PIN किसी अनजान व्यक्ति से कभी साझा न करें।
अगर पैसा चला जाए
तुरंत कदम उठाएं। जितनी जल्दी शिकायत करेंगे, पैसा रुकने की संभावना उतनी ज़्यादा होगी।
- राष्ट्रीय साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।
- cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
- तुरंत अपने बैंक को बताएं, और ज़रूरत हो तो बैंक के ऐप से अपना UPI या कार्ड ब्लॉक करें।
यह भी पढ़ें: जम्प्ड डिपॉज़िट UPI स्कैम पर SBI की चेतावनी।
स्रोत: The New Indian Express (PTI): Cybercrime unit flags fake welfare scheme ads using deepfake videos, 19 October 2026, India Today: Fake government scheme ads use PM, CM deepfakes, I4C warns, The Economic Times: MHA warns of fake welfare scheme ads using deepfake videos, National Cyber Crime Reporting Portal।
नियम, दरें और सीमाएं बदलती रहती हैं। यहां के किसी आंकड़े पर भरोसा करने से पहले ऊपर दिए आधिकारिक स्रोत को देखें। पोस्ट में लेखक के रेफरल या एफिलिएट लिंक कभी नहीं होते।
यह लेख अंग्रेज़ी से अनुवाद किया गया है। अगर कुछ गलत लगे, तो hello@saifu.in पर ईमेल करें।