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HRA: बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को अब 50% की सीमा

टैक्स ईयर 2026-27 से चार की जगह आठ शहरों में HRA की 50% सीमा। छूट कैसे काम करती है और आप कितना ज़्यादा टैक्स-फ्री HRA क्लेम कर सकते हैं।

आज़माएं: HRA छूट कैलकुलेटरपुरानी व्यवस्था में अपने हाउस रेंट अलाउंस का टैक्स-फ्री हिस्सा निकालें, अब 50% की सीमा में बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद भी शामिल हैं।

दशकों तक हाउस रेंट अलाउंस (HRA) के लिए सिर्फ दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई ही मेट्रो गिने जाते थे। Income-tax Rules, 2026, जो 1 अप्रैल 2026 को नए Income-tax Act के साथ आए, उन्होंने बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को भी इसमें जोड़ दिया। अगर आप इनमें से किसी शहर में किराए पर रहते हैं और पुरानी टैक्स व्यवस्था इस्तेमाल करते हैं, तो आपके HRA का ज़्यादा हिस्सा टैक्स-फ्री हो सकता है।

नियम

HRA का टैक्स-फ्री हिस्सा इन तीन रकमों में से सबसे कम होता है:

यहां सैलरी का मतलब है बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता (DA)।

एक उदाहरण

बेंगलुरु में बेसिक सैलरी ₹60,000 महीना, HRA ₹30,000, किराया ₹35,000। पूरे साल के लिए:

पुराने नियम में छूट ₹2,88,000 थी। अब यह ₹3,48,000 है: ₹60,000 ज़्यादा टैक्स-फ्री। 30% स्लैब पर सेस मिलाकर यह करीब ₹18,700 कम टैक्स है। अपना हिसाब HRA कैलकुलेटर में निकालें।

कब से लागू

टैक्स ईयर 2026-27 से, यानी अप्रैल 2026 से मार्च 2027। 2025-26 का जो रिटर्न आपने 2026 में भरा, उसमें अब भी चार शहरों वाला नियम लागू था।

सिर्फ पुरानी व्यवस्था में

नई व्यवस्था में HRA छूट नहीं मिलती। बहुत से लोगों के लिए नई व्यवस्था अब भी बेहतर रहती है, इसलिए अपने HRA के आंकड़े के साथ इनकम टैक्स कैलकुलेटर में दोनों को चेक करें।

कागज़ात

स्रोत: Mondaq: Income-tax Rules 2026 और HRA, TaxGuru: 50% HRA वाले आठ शहर, ClearTax: अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स में बदलाव।

यह सामान्य जानकारी है, टैक्स सलाह नहीं।

नियम, दरें और सीमाएं बदलती रहती हैं। यहां के किसी आंकड़े पर भरोसा करने से पहले ऊपर दिए आधिकारिक स्रोत को देखें। पोस्ट में लेखक के रेफरल या एफिलिएट लिंक कभी नहीं होते।

यह लेख अंग्रेज़ी से अनुवाद किया गया है। अगर कुछ गलत लगे, तो hello@saifu.in पर ईमेल करें।

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