नया Income-tax Act, 2025: नौकरीपेशा लोगों के लिए क्या बदला
1 अप्रैल 2026 को 1961 के एक्ट की जगह नया एक्ट आया। टैक्स ईयर, नए सेक्शन नंबर, Form 16 की जगह Form 130, और 2026-27 के लिए क्या वैसा ही रहा।
आज़माएं: इनकम टैक्स कैलकुलेटर: पुरानी बनाम नई व्यवस्थाटैक्स वर्ष 2026-27 के लिए पुरानी और नई व्यवस्था में अपने टैक्स की तुलना करें, ₹12 लाख के रिबेट, स्टैंडर्ड डिडक्शन, सेस, सरचार्ज और उन कटौतियों के साथ जिनसे पुरानी व्यवस्था फायदेमंद बनती है।1 अप्रैल 2026 से भारत में इनकम टैक्स Income-tax Act, 2025 के तहत चलता है, जिसने Income-tax Act, 1961 की जगह ली। मकसद था एक छोटा और आसान कानून। ज़्यादातर नौकरीपेशा लोगों के लिए 2026-27 में चुकाया जाने वाला टैक्स वही है; बदले हैं शब्द, सेक्शन नंबर और फॉर्म।
दो शब्दों की जगह "टैक्स ईयर"
पुराने कानून में जिस साल आप कमाते हैं उसे "पिछला वर्ष" (previous year) और उसके अगले साल, जब आप रिटर्न भरते हैं, उसे "आकलन वर्ष" (assessment year) कहा जाता था। नया एक्ट अप्रैल से मार्च के लिए एक ही शब्द इस्तेमाल करता है, टैक्स ईयर। अप्रैल 2026 से मार्च 2027 टैक्स ईयर 2026-27 है।
नए सेक्शन नंबर
जिनसे नौकरीपेशा लोगों का सबसे ज़्यादा वास्ता पड़ता है:
- 80C (EPF, PPF, ELSS, जीवन बीमा, ट्यूशन फीस) अब सेक्शन 123 है।
- NPS की कटौतियां सेक्शन 124 में हैं।
- 87A, यानी रिबेट, अब सेक्शन 156 है।
- 115BAC, यानी नई व्यवस्था, अब सेक्शन 202 है।
आपके एम्प्लॉयर के डिक्लेरेशन और आपके रिटर्न में नए नंबर इस्तेमाल होंगे।
नए फॉर्म नंबर
- Form 16, यानी सैलरी का TDS सर्टिफिकेट, अब Form 130 है।
- Form 16A अब Form 131 है।
- Form 12BB, निवेश के सबूतों के लिए, अब Form 124 है।
- Form 26AS, यानी सालाना टैक्स स्टेटमेंट, अब Form 168 है।
2026-27 के लिए क्या नहीं बदला
बजट 2026 ने स्लैब वही रखे। नई व्यवस्था में रिबेट के बाद ₹12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं है, और नौकरीपेशा लोगों को ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है, इसलिए ₹12.75 लाख तक की सैलरी पर कुछ नहीं देना होता। स्लैब ₹4 लाख तक शून्य से शुरू होकर ₹24 लाख से ऊपर 30% तक जाते हैं। पुरानी व्यवस्था में ₹2.5 लाख तक शून्य टैक्स, ₹50,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन और उसकी कटौतियां बनी रहती हैं।
क्या बदला
- HRA: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई के साथ अब बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को भी 50% की सीमा मिलती है। हमारी HRA गाइड देखें।
- टैक्स-फ्री सुविधाएं: बच्चों की पढ़ाई का भत्ता (हर बच्चे के लिए ₹3,000 महीना), हॉस्टल भत्ता (हर बच्चे के लिए ₹9,000 महीना), खाना (₹200 प्रति मील) और एम्प्लॉयर से मिलने वाले गिफ्ट (₹15,000 सालाना) की सीमाएं बढ़ीं।
- संशोधित रिटर्न: आखिरी तारीख अब 31 मार्च है।
इस साल की डेडलाइन
2025-26 के जिन रिटर्न के लिए टैक्स ऑडिट ज़रूरी है, उनकी आखिरी तारीख 21 नवंबर 2026 है, क्योंकि CBDT ने 28 सितंबर 2026 को यह तारीख 31 अक्टूबर से आगे बढ़ा दी। 2025-26 के बिलेटेड रिटर्न 31 दिसंबर 2026 तक भरे जा सकते हैं।
अपनी सैलरी पर दोनों व्यवस्थाओं की तुलना इनकम टैक्स कैलकुलेटर में करें।
स्रोत: CBDT: आखिरी तारीख 21 नवंबर 2026 तक बढ़ी, PIB: बजट 2026 का सारांश, PIB: नई व्यवस्था के स्लैब, ClearTax: अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स में बदलाव, Mondaq: Income-tax Rules 2026, 2025 एक्ट पर आयकर विभाग के FAQ।
यह सामान्य जानकारी है, टैक्स सलाह नहीं।
नियम, दरें और सीमाएं बदलती रहती हैं। यहां के किसी आंकड़े पर भरोसा करने से पहले ऊपर दिए आधिकारिक स्रोत को देखें। पोस्ट में लेखक के रेफरल या एफिलिएट लिंक कभी नहीं होते।
यह लेख अंग्रेज़ी से अनुवाद किया गया है। अगर कुछ गलत लगे, तो hello@saifu.in पर ईमेल करें।