बैंक खाता फ्रीज: संदिग्ध म्यूल अकाउंट पर 60 दिन के टेम्परेरी डेबिट होल्ड पर RBI का ड्राफ्ट नियम
RBI के ड्राफ्ट KYC नियम बैंकों को संदिग्ध फ्रॉड रकम 60 दिन तक रोकने देते हैं। खाता या UPI पेमेंट फ्लैग हो तो 20 दिन की जवाब-अवधि का मतलब।
RBI ने "म्यूल अकाउंट" फ्रॉड से जुड़े पैसे को फ्रीज करने का एक मानक तरीका प्रस्तावित किया है। अगर आपका खाता गलती से फ्लैग हो जाए, तो ड्राफ्ट बताता है कि होल्ड कितने समय तक रह सकता है और बैंक को कितनी जल्दी आपको बताना और फैसला करना होगा। ये नियम अभी अंतिम नहीं हैं।
RBI ने क्या प्रस्ताव दिया है
11 सितंबर 2026 को RBI ने सार्वजनिक सुझावों के लिए ड्राफ्ट Reserve Bank of India (Know Your Customer) Amendment Directions, 2026 जारी किया। सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त 2026 को RBI से कहा था कि म्यूल गतिविधि और साइबर फ्रॉड से जुड़े पैसे पर टेम्परेरी डेबिट होल्ड की एक मानक प्रक्रिया बनाई जाए। सुझाव देने की अवधि 2 अक्टूबर 2026 को खत्म हो गई।
म्यूल अकाउंट वह खाता है जिसका इस्तेमाल, जानबूझकर या अनजाने में, साइबर फ्रॉड में चुराया पैसा लेने या आगे भेजने के लिए होता है। कई म्यूल खाताधारक आम लोग होते हैं जिन्हें धोखे से फंसाया गया, जैसे फर्जी नौकरी के ऑफर से।
ड्राफ्ट के मुताबिक होल्ड कैसे काम करेगा
- क्या रोका जा सकता है। बैंक की मॉनिटरिंग प्रणाली ₹1,000 या उससे ज़्यादा का संदिग्ध म्यूल ट्रांज़ैक्शन पकड़े तो बैंक उसे रोक सकता है। अगर बैंक को लगे कि पूरा खाता ही म्यूल अकाउंट है, तो वह पूरा खाता होल्ड कर सकता है।
- आपको सूचना। बैंक को आपको तुरंत, या अगले दिन के अंत तक, कारण, होल्ड हटवाने की प्रक्रिया और एक अधिकारी का संपर्क बताना होगा। यह आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ईमेल पर जाएगा।
- आपका जवाब। होल्ड लगने के 20 दिन के भीतर आप बता सकते हैं कि लेनदेन या खाता असली है।
- बैंक का फैसला। आपके जवाब के 10 दिन के भीतर फैसला करना होगा। जवाब न देने पर होल्ड के 30 दिन के भीतर फैसला होगा। संतुष्ट होने पर होल्ड हटा दिया जाता है।
- पुलिस को रिपोर्ट। संतुष्ट न होने पर बैंक नेशनल साइबरक्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के ज़रिए पुलिस को मामला भेजता है।
- अधिकतम अवधि। अगर संदर्भ के 30 दिन के भीतर पुलिस या किसी सक्षम प्राधिकारी ने लिखित में होल्ड जारी रखने को नहीं कहा, तो बैंक को होल्ड हटाना होगा। ऐसे आदेश के बिना होल्ड 60 दिन से ज़्यादा नहीं चल सकता।
- शिकायत। हर बैंक को नोडल अधिकारी तय करने होंगे, उनकी जानकारी वेबसाइट और शाखाओं में दिखानी होगी और शिकायत 30 दिन में निपटानी होगी।
ड्राफ्ट कमर्शियल बैंकों और अर्बन को-ऑपरेटिव बैंकों पर लागू है। नोडल, पूल और एस्क्रो खाते इसके दायरे में नहीं हैं। बैंकों को ऐसी नीति भी रखनी होगी जिसमें पूरे खाते का होल्ड सिर्फ अपवाद में हो और फ्लैग हुए लेनदेन की समीक्षा हो, ताकि असली लेनदेन गलत फ्लैग न हों।
कब से लागू होगा
ड्राफ्ट के मुताबिक ये नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे, या बैंक चाहे तो उससे पहले। 29 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में RBI ने कहा कि अंतिम निर्देश 30 नवंबर 2026 तक अधिसूचित होंगे और 31 दिसंबर 2026 तक लागू किए जाएंगे। उस सुनवाई पर हमारी गाइड यहां है। अंतिम पाठ ड्राफ्ट से अलग हो सकता है, इसलिए RBI की अधिसूचना आने पर उसे देखें।
अभी आप क्या कर सकते हैं
- बैंक में अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल अपडेट रखें, क्योंकि नोटिस वहीं जाएगा।
- "कमीशन" या "नौकरी" के नाम पर किसी को अपने खाते से पैसे लेने या भेजने न दें। इससे आपका खाता म्यूल अकाउंट बन सकता है।
- बैंक आपका पैसा रोक ले तो समय-सीमा में लिखित जवाब दें और पैसे के स्रोत का सबूत रखें, जैसे इनवॉइस, सैलरी स्लिप या चैट।
- फ्रॉड में पैसा गया हो तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें। हमारी गाइड OTP फ्रॉड और ज़ीरो लायबिलिटी भी पढ़ें।
स्रोत: RBI press release: draft KYC Amendment Directions, 2026, 11 September 2026, The Hindu BusinessLine: RBI proposes 60-day temporary debit holds, DSCI: brief on the draft RBI KYC Amendment Directions, 2026, Saifu: Supreme Court on digital arrest scams
नियम, दरें और सीमाएं बदलती रहती हैं। यहां के किसी आंकड़े पर भरोसा करने से पहले ऊपर दिए आधिकारिक स्रोत को देखें। पोस्ट में लेखक के रेफरल या एफिलिएट लिंक कभी नहीं होते।
यह लेख अंग्रेज़ी से अनुवाद किया गया है। अगर कुछ गलत लगे, तो hello@saifu.in पर ईमेल करें।