EPS हायर पेंशन: बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा, PF ट्रस्ट के नियम इसे रोक नहीं सकते
19 अक्टूबर 2026 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने PF ट्रस्ट वाली कंपनियों के 40 से ज़्यादा कर्मचारियों की हायर पेंशन अर्ज़ी खारिज करने के EPFO के आदेश रद्द किए।
आज़माएं: EPF कैलकुलेटर8.25% ब्याज पर 58 साल तक अपना EPF कॉर्पस निकालें, ₹25,000 वेज सीलिंग, सैलरी बढ़ोतरी, VPF और EPS पेंशन के अनुमान के साथ।जिन प्राइवेट कर्मचारियों की हायर पेंशन की अर्ज़ी उनकी कंपनी के PF ट्रस्ट के नियमों की वजह से खारिज हुई थी, वे बॉम्बे हाई कोर्ट में केस जीत गए हैं। जानिए कोर्ट ने क्या फैसला दिया, यह किसके काम का है और इससे क्या नहीं बदलता। ये जानकारी फैसले से है, जैसा Mint और The Economic Times ने 23 और 24 अक्टूबर 2026 को बताया।
कोर्ट ने क्या फैसला दिया
19 अक्टूबर 2026 को बॉम्बे हाई कोर्ट के जस्टिस संदीप वी. मार्ने ने छह याचिकाओं पर एक साथ फैसला दिया। ये याचिकाएं Abbott India, Tata Communications, Raymond Steel और BEST Undertaking जैसी कंपनियों के 40 से ज़्यादा कर्मचारियों ने दायर की थीं।
इन कर्मचारियों ने अपने नियोक्ता के साथ मिलकर वेज सीलिंग की जगह अपनी असली सैलरी पर पेंशन के लिए अर्ज़ी दी थी। इसे जॉइंट ऑप्शन कहते हैं। EPFO ने अर्ज़ियां खारिज कर दीं, क्योंकि इन कंपनियों का अपना प्रोविडेंट फंड ट्रस्ट है और ट्रस्ट के नियम या तो योगदान को वेज सीलिंग तक सीमित करते थे या ज़्यादा पेंशन योगदान की अनुमति नहीं देते थे।
कोर्ट ने खारिज करने के ये आदेश रद्द कर दिए। कोर्ट ने कहा:
- कंपनी के PF ट्रस्ट के नियम सिर्फ प्रोविडेंट फंड पर लागू होते हैं। कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 (EPS) के तहत ज़्यादा वेतन पर पेंशन के अधिकार पर इनका कोई असर नहीं है।
- जॉइंट ऑप्शन इस आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता कि ट्रस्ट के नियम नियोक्ता के योगदान पर सीमा लगाते हैं, जॉइंट ऑप्शन का प्रावधान नहीं करते, या नियोक्ता ने सीलिंग से ऊपर के वेतन पर पेंशन योगदान नहीं दिया।
- जहां पुराने रिकॉर्ड नहीं मिलते, वहां EPFO को दावा खारिज करने की जगह दूसरे तरीकों से जांच करनी चाहिए, जिसमें कर्मचारी की बात सुनना भी शामिल है।
कोर्ट ने EPFO से कहा कि वह फैसले के आठ हफ्तों के अंदर याचिकाकर्ताओं के जॉइंट ऑप्शन प्रोसेस करके मंज़ूर करे।
EPFO ने ये दावे क्यों खारिज किए थे
नवंबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने सुनील कुमार बी. केस में कहा था कि जिन कर्मचारियों ने सीलिंग से ज़्यादा सैलरी पर PF दिया, वे योजना की शर्तों के तहत हायर पेंशन चुन सकते हैं। कोर्ट ने यह भी माना था कि अपना PF ट्रस्ट चलाने वाले छूट प्राप्त प्रतिष्ठान बाकी प्रतिष्ठानों के बराबर हैं।
इसके बाद EPFO के मुख्य कार्यालय ने 18 जनवरी 2025 को एक सर्कुलर जारी किया। इसमें कहा गया कि छूट प्राप्त प्रतिष्ठानों में पात्रता मौजूदा ट्रस्ट नियमों से तय होगी, और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बदले गए ट्रस्ट नियमों पर विचार नहीं किया जाएगा। मद्रास हाई कोर्ट BHEL के 86 पूर्व कर्मचारियों के केस में यह सर्कुलर पहले ही रद्द कर चुका था। बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि EPFO ने उसी सर्कुलर का सहारा लिया था, और कई हाई कोर्ट कह चुके हैं कि ट्रस्ट के नियमों के आधार पर जॉइंट ऑप्शन से इनकार नहीं किया जा सकता।
यह किसके काम का है
- आप ऐसी कंपनी में काम करते थे जो अपना PF ट्रस्ट चलाती है (छूट प्राप्त प्रतिष्ठान)।
- आपका PF आपकी असली सैलरी पर कटता था, जो सितंबर 2014 से लागू ₹15,000 की सीलिंग से ज़्यादा थी।
- आपने ज़्यादा वेतन पर पेंशन के लिए अर्ज़ी दी और EPFO ने ट्रस्ट नियमों का हवाला देकर उसे खारिज कर दिया।
यह आदेश सीधे सिर्फ उन कर्मचारियों पर लागू है जिन्होंने ये याचिकाएं दायर कीं। इसी स्थिति वाले दूसरे लोगों के लिए यह उन हाई कोर्ट फैसलों में एक और जुड़ता है जो कहते हैं कि ट्रस्ट के नियम खारिज करने का सही आधार नहीं हैं। अगर आपका दावा इसी आधार पर खारिज हुआ है, तो अपने रिजेक्शन ऑर्डर में दिया गया कारण पढ़ें। आप ग्रीवांस पोर्टल के ज़रिए अपने क्षेत्रीय EPFO दफ्तर के सामने यह मुद्दा उठा सकते हैं, या रिव्यू या अपील के लिए किसी वकील से बात कर सकते हैं। Saifu कोई लॉ फर्म नहीं है और यह कानूनी सलाह नहीं है।
इससे क्या नहीं बदलता
इस फैसले से हर EPFO सदस्य को हायर पेंशन नहीं मिल जाती। आपको अब भी योजना की शर्तें पूरी करनी होंगी, और ज़्यादा सैलरी पर पेंशन का अतिरिक्त योगदान EPFO के नियमों के मुताबिक देना ही होगा। अगर EPFO के आपके दावे के दूसरे हिस्सों पर सवाल हैं, जैसे सैलरी के किन हिस्सों पर PF दिया गया, तो उनका जवाब अब भी देना होगा।
वेज सीलिंग 17 सितंबर 2026 से बढ़कर ₹25,000 महीना हो गई है। पढ़ें ₹25,000 की PF वेज सीलिंग का आपकी पेंशन पर क्या असर है और EPF और EPS कैसे काम करते हैं।
स्रोत: Mint: Bombay High Court rules in favour of private sector employees seeking pension on higher wages, 24 October 2026, The Economic Times: private sector employees win higher pension case in Bombay High Court, 23 October 2026, NDTV India: Bombay High Court relief on EPS-95 higher pension, 25 October 2026।
नियम, दरें और सीमाएं बदलती रहती हैं। यहां के किसी आंकड़े पर भरोसा करने से पहले ऊपर दिए आधिकारिक स्रोत को देखें। पोस्ट में लेखक के रेफरल या एफिलिएट लिंक कभी नहीं होते।
यह लेख अंग्रेज़ी से अनुवाद किया गया है। अगर कुछ गलत लगे, तो hello@saifu.in पर ईमेल करें।