ग्रेच्युटी कैलकुलेटर
अपना आखिरी बेसिक पे और DA और सर्विस के साल डालें, और देखें कि कितनी ग्रेच्युटी बनती है, आप अभी पात्र हैं या नहीं, और उसमें से कितनी टैक्स-फ्री है।
मौजूदा सैलरी पर ग्रेच्युटी, सर्विस के सालों के हिसाब से
फॉर्मूला
कानून के दायरे में आने वाले एम्प्लॉयर के लिए ग्रेच्युटी हर साल की सर्विस पर 15 दिन की सैलरी होती है, जिसमें एक महीना 26 कामकाजी दिन का माना जाता है: आखिरी बेसिक पे और DA × 15 ÷ 26 × साल। आखिरी साल में 6 महीने से ज़्यादा की सर्विस को पूरा साल माना जाता है। जो एम्प्लॉयर कानून के दायरे में नहीं है, आम तौर पर 10 से कम कर्मचारियों वाला, वह भी ग्रेच्युटी दे सकता है, अक्सर 30 दिन के महीने और सिर्फ पूरे हुए सालों के हिसाब से।
लेबर कोड से क्या बदला
Code on Social Security, 2020 21 नवंबर 2025 से लागू हुआ, और इसके केंद्रीय नियम मई 2026 में नोटिफाई हुए।
- स्थायी कर्मचारियों को अब भी 5 साल की लगातार सर्विस चाहिए; कुछ अदालती फैसलों में 4 साल और 240 दिन को काफी माना गया है। मृत्यु या विकलांगता पर 5 साल की शर्त लागू नहीं होती।
- फिक्स्ड-टर्म कर्मचारी 1 साल बाद, अनुपात के हिसाब से, हकदार होते हैं।
- अब वेतन में वे भत्ते भी गिने जाते हैं जो आपकी कुल सैलरी के आधे से ज़्यादा हों। अगर आपका बेसिक और DA आधे से कम है, तो अतिरिक्त हिस्सा वापस जोड़ा जाता है, जिससे ग्रेच्युटी बढ़ती है।
- ग्रेच्युटी देय होने के 30 दिन के अंदर देनी होगी।
टैक्स
प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी पूरे करियर में ₹20 लाख तक की ग्रेच्युटी टैक्स-फ्री पा सकते हैं। इससे ऊपर की रकम पर सैलरी की तरह टैक्स लगता है। सरकारी कर्मचारियों की ग्रेच्युटी पूरी तरह टैक्स-फ्री है। पुराने ग्रेच्युटी एक्ट के तहत एम्प्लॉयर को ज़्यादा से ज़्यादा ₹20 लाख देने होते थे। कोड सरकार को यह सीमा तय करने देता है और अक्टूबर 2026 तक हमें कोई नया आंकड़ा नहीं मिला, इसलिए यह कैलकुलेटर ₹20 लाख को ही सीमा मानता है।
गाइड
सवाल
क्या 4 साल बाद नौकरी छोड़ने पर ग्रेच्युटी मिलती है?
स्थायी कर्मचारी हैं तो आम तौर पर नहीं। कुछ अदालती फैसलों में 4 साल और 240 दिन को 5 साल माना गया है। फिक्स्ड-टर्म कर्मचारी 1 साल बाद पात्र होते हैं।
क्या ग्रेच्युटी मेरे CTC का हिस्सा है?
कई एम्प्लॉयर CTC में बेसिक पे का लगभग 4.81% प्रोविज़न दिखाते हैं। यह आपको तभी मिलता है जब आप पात्र होने के बाद नौकरी छोड़ते हैं, इसलिए यह मासिक सैलरी का हिस्सा नहीं है।
ग्रेच्युटी पर टैक्स कैसे लगता है?
प्राइवेट सेक्टर कर्मचारियों के लिए पूरे जीवन में ₹20 लाख तक टैक्स-फ्री है। सरकारी कर्मचारियों को इस पर कोई टैक्स नहीं देना होता।
स्रोत
- EY: 21 नवंबर 2025 से लागू लेबर कोड
- Fisher Phillips: नए लेबर कोड और ग्रेच्युटी
- श्रम और रोज़गार मंत्रालय
सिर्फ उदाहरण के लिए। क्या मिलेगा, यह आपका नौकरी का कॉन्ट्रैक्ट और एम्प्लॉयर की पॉलिसी तय करती है। यह कानूनी या टैक्स सलाह नहीं है।
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